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व्रतोत्सव दीपिका
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श्री शुक-सम्प्रदाय के प्रवर्तक-आचार्य महाप्रभु श्री श्री स्वामी श्यामचरणदास जी महाराज द्वारा रचित वाणी जी "श्री भक्ति-सागर" जी ग्रन्थ

आचार्य परम्परा में वर्तमान काल तक रचित श्री गुरू-महिमा, पदावली, प्रकाशित साहित्य

भारत देश में मध्यकालीन-मुगल काल में लगभग 250 वर्ष से 300 वर्ष तक के समय-प्रथम महंत महिला सन्त श्री सहजो बाई जी महाराज की वाणी जी साहित्य व अन्य परम्परा में महिला सन्तों का समाज को मार्गदर्शन

जयपुर-नगर में समस्त रसिक वैष्णव सम्प्रदायों के श्री गुरू-आचार्यो के जन्मोत्सव प्रारम्भ कराने के प्रणेता श्री शुक-सम्प्रदायाचार्य पीठाधीश्वर, बडे दादा गुरू श्री सरस माधुरी शरण जी महाराज द्वारा रचित बधाईया, महोत्सव शेली, पदावलीया, श्री रासलीला में संगीतमय रूप से बोले जाने वाले सवैयाः छन्द, वैष्णवों के नियम सिद्धांत, रहन- सहन, आचरण, व्यवहार, अष्टयाम सेंवा, ब्रज-उपासना, भक्त-चरित्र साहित्य उपलब्ध है।

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