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कृपा पात्र • कृपा पात्र संत
पूज्य दया बाई जी
Pujya Daya Bai Ji
पावन चरित्र एवं जीवन दर्शन
संत श्री चरणदास जी महाराज की प्रमुख कृपा पात्र शिष्या। आपकी अमर रचनाएं 'दया बोध' एवं 'विनय मालिका' भक्ति साहित्य के अनमोल रत्न हैं, जिनमें दैन्यता, विनय एवं प्रेम रस की अलौकिक धारा प्रवाहित है।
'सुमिरन ऐसा कीजिये, दूजा कछू न सुहाय।
रोम-रोम हरि नाम लौं, सहज समाधि लगाय॥'
