
ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी जू सरकार की जय
Thakur Shri Radha Saras Bihari Ju Sarkar Ki Jai
॥ श्री शुकदेव श्याम चरणदासो जयति ॥
Shri Shukdev Shyam Charandaso Jayati
आचार्यपीठ श्री सरस निकुंज, दरीबा पान, जयपुर — युगल रस उपासना, नित्य निकुंज रस एवं पूज्य आचार्य परम्परा की पावन धरोहर।
Central Acharyapeeth Shri Saras Nikunj, Dariba Pan, Jaipur — Sacred Seat of Eternal Divine Love & Holy Shuk Lineage.











श्री राधा सरस बिहारी जू दर्शन
श्री शुक सम्प्रदाय आचार्यपीठ, श्री सरस निकुंज, जयपुर
भावार्थ: जिस प्रकार भगवान के प्रत्येक रोम में असंख्य ब्रह्मांड विराजित हैं, उसी प्रकार सतगुरुदेव के प्रत्येक रोम में श्री युगल सरकार की अष्टयाम निकुंज लीला के दिव्य ठाठ विराजते हैं।
ठाकुर जी दर्शन समय (Temple Darshan Timings)
श्री राधा सरस बिहारी जी मंदिर, जयपुर • Shri Radha Saras Bihari Ji Temple
महाराज जी भेंट समय (Meeting with Maharaj Ji)
आचार्यपीठ श्री सरस निकुंज, जयपुर • Acharyapeeth Shri Saras Nikunj

श्री शुक संप्रदाय | Shri Shuk Sampraday
आचार्यपीठ श्री सरस निकुंज, दरीबा पान, सुभाष चौक, जयपुर • Central Peeth Shri Saras Nikunj, Jaipur
प्रेमा भक्ति को मध्य काल में विस्तारित करने के लिए श्री शुक संप्रदाय का प्रादुर्भाव हुआ। श्री शुक संप्रदाय प्रवर्तक आद्याचार्य महाप्रभु श्रीश्री स्वामी श्री श्यामचरण दास जी महाराज (श्री चरण दास जी महाराज) का आविर्भाव भाद्रपद शुक्ला तृतीया संवत् 1760 (अंग्रेज़ी सन् 1703 ई.) में अलवर जिले के डेहरा गांव में हुआ था। और उन्होंने अपने इस लाड़ले का नाम रणजीत रखा। भृगुकुल भूषण परम पितामह श्री शोभन जी महाराज के कुल में आपकी भक्ति की समर्पितता से ठाकुर जी ने दर्शन देकर सातवीं पीढ़ी में अंशावतार के भाव स्वरूप में प्रकट होने का आशीर्वाद दिया। इसी भाव के अनुरूप पिता श्री मुरलीधर जी महाराज और सौभाग्यवती माता श्री कुंजो देवी जी की गोद में लाल जू के स्वरूप में आपका प्राकट्य हुआ।
बाल्यावस्था में आपका नाम रणजीत हुआ। पाँच वर्षीय श्री रणजीत जी महाराज को शरद पूर्णिमा के दिन अलवर के निकट विजय मंदिर के आगे कस्बा डेहरा शाहपुर में भगवान महामुनिन्द्र श्री शुकदेव जी महाराज ने आचार्य चरण को अवधूत रूप में दर्शन देकर कृतार्थ किया।
महामुनिन्द्र सरकार ने करुणा वात्सल्य का भाव करते हुए अपनी गोद में बैठा कर करकमल मस्तक पे बिराजमान करके प्रेम भक्ति के भाव को हृदय में प्रकट कर दिया। इसी भाव में राजऋषि योग, भक्तियोग और सांख्ययोग की उच्चतम अवस्था को प्राप्त कर लेने पर आचार्य चरण को किशोर अवस्था में श्री शुक तीर्थ (मेरठ, मुजफ्फरनगर में स्थिति अपभ्रंश भाषा में शुक्रताल) में पंच संस्कार कंठी दीक्षा देकर चैत्र पड़वा को शुक सम्प्रदाय का प्रादुर्भाव किया।
जगत के जीवों का कल्याण हेतु महामुनिन्द्र सरकार ने आचार्य चरण को राजऋषि वेश में इंद्रप्रस्थ दिल्ली में विराज कर संपूर्ण भारतवर्ष में प्रेमा भक्ति का भाव प्रकट करने की आज्ञा प्रदान करी। इसी भाव राज में परम्परागत श्रीश्री गुरु भक्तानंद स्वामी श्री रामरूप जी महाराज के क्रमतः सेवा भाव से अनन्य श्री संपन्न अनंत श्री विभूषित श्री बलदेव दास जी महाराज ने महाराजा सवाई माधो सिंह जी (द्वितीय) के समकालीन, अपने कृपापात्र प्रिय शिष्य बड़े दादागुरु श्रीश्री सरसमाधुरी शरण जी महाराज को आज्ञा प्रदान करके परम आराध्य श्री राधा गोविंद देव जी की पावन नगरी जयपुर में चार दिवारी क्षेत्र में, चौकड़ी रामचंद्र जी स्थित, पानो का दरीबा, सुभाष चौक में श्री शुक संप्रदाय आचार्य पीठ, श्री सरस निकुंज की स्थापना करी।
इस क्रम में छोटे दादागुरु श्री रसिक माधुरी शरण जी महाराज ने विस्तृत रूप से इसी रस धारा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान विराजमान पूज्यपाद श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर सतगुरुदेव श्रीश्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज निज निकुंज में विराजमान श्री प्रिया लाल जू के स्वरूप में श्रीश्री ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी जू सरकार की अपनी निज सहचरियों परिकर के साथ अष्टयाम लीला का भाव दर्शन, निकुंज रस की पदावलियों का गायन, अपने श्री सरस परिकर के वैष्णवों के साथ बड़े आनंद से भाव रूप में सरोबार कर रहे हैं।
डिजिटल नाम जप माला — Digital Naam Jap Counter
राधा, राधेश्याम एवं सम्प्रदाय के महामंत्रों का 108 मणकों की माला से जप करें। Chant sacred Mahamantras with interactive digital 108-bead Japa Mala counter.
सरस रस (Saras Ras)
श्री शुक सम्प्रदाय आचार्यपीठ श्री सरस निकुंज, जयपुर का पावन संकीर्तन, ग्रन्थ एवं नित्य वाणी ऐप
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श्री सरस चित्रमाला (Shri Saras Chitramala)
आचार्यपीठ श्री सरस निकुंज, जयपुर का पावन इतिहास, ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी जू सरकार के दिव्य स्वरूप एवं नित्य निकुंज परम्परा का साक्षात दर्शन। Watch the official sacred documentary capturing the divine heritage and history of Shri Saras Nikunj Peeth.

आश्रम ग्रन्थ एवं पावन साहित्य (Sacred Granths)

श्री सरस सागर जी - भाग 1
रचयिता: श्री सरस माधुरी शरण जी महाराज
श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, श्री सरस नुकुंज, दरीबा पान, जयपुर

श्री सरस सागर जी - भाग 2
रचयिता: श्री सरस माधुरी शरण जी महाराज
श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, श्री सरस नुकुंज, दरीबा पान, जयपुर

श्री सरस सागर जी - भाग 3
रचयिता: श्री सरस माधुरी शरण जी महाराज
श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, श्री सरस नुकुंज, दरीबा पान, जयपुर

श्री भक्ति सागर जी
रचयिता: आचार्य महाप्रभु श्री श्याम चरणदास जी महाराज
श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, श्री सरस नुकुंज, दरीबा पान, जयपुर

श्री गुरु भक्ति प्रकाश जी
रचयिता: श्री स्वामी श्री रामरूप जी महाराज
श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, श्री सरस नुकुंज, दरीबा पान, जयपुर

श्री लीला सागर जी
रचयिता: श्री जोगजीत जी महाराज
श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज, श्री सरस नुकुंज, दरीबा पान, जयपुर
पूज्य आचार्य परम्परा (Guru Parampara)

आचार्य महामुनिन्द्र भगवान श्री शुकदेव जी महाराज
Aacharya Mahamunindra Shri Shukdev ji Maharaj
श्री महामुनिन्द्र भगवान श्री शुकदेव जी महाराज श्री शुक सम्प्रदाय के मूल आचार्य परिचय आचार्य महामुनिन्द्र श्री शुकदेव जी महाराज श्री शुक सम्प्रदाय के मूल आचार्य हैं एवं श्री वेदव्यास जी महाराज के पुत्र हैं।...
पावन चरित्र पढ़ें (Read Bio)आचार्य महाप्रभु श्री श्याम चरणदास जी महाराज
Aacharaya Mahaprabhu Shri Shyam Charandas Ji Maharaj
श्री आचार्य महाप्रभु श्री स्वामी श्याम चरणदास जी महाराज श्री शुक सम्प्रदाय के प्राकट्य-प्रवर्तक आचार्य 🌸 प्राकट्य आचार्य महाप्रभु श्री श्याम चरणदास जी महाराज का प्राकट्य अलवर जिले के डहरा ग्राम में भाद्रपद शुक्ल तृतीया, विक्रम संवत् 1760 को मात...
पावन चरित्र पढ़ें (Read Bio)
श्री स्वामी श्री सरस माधुरी शरण जी महाराज
Shri Swami Saras Madhuri Sharan Ji Maharaj
श्री स्वामी सरस माधुरी शरण जी श्री सरसमाधुरी शरण जी का जन्म हुआ ग्वालियर राज्यके मंदसौर ग्राम में एक गौड़वंशीय ब्राह्मण परिवार में। पिता का नाम था श्री घासीराम जी और माता का पार्वती देवी। सरसमाधुरी जी के जन्म का नाम था-*शिवदयाल'।...
पावन चरित्र पढ़ें (Read Bio)
श्री स्वामी श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज
Shri Swami Albeli Madhuri Sharan Ji Maharaj
श्री शुक सम्प्रदाय, श्री सरस निकुंज पीठ, जयपुर के वर्तमान आचार्य एवं पीठाधीश्वर। अनन्त श्री विभूषित श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज श्री शुक सम्प्रदाय आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज की आचार्य पीठ पर श्री रसिक माधुरी शरण जी महाराज नहीं चाहते थे, को...
पावन चरित्र पढ़ें (Read Bio)आगामी पावन उत्सव (Major Utsavs)
रमा एकादशी व्रत
कार्तिक मास पावन रमा एकादशी व्रत
रूप चतुर्दशी व्रत (श्री ठाकुर जी का अभ्यंग मंजन स्नान)
नरक चतुर्दशी, श्री ठाकुर जी को सुगन्धित उबटन व अभ्यंग स्नान
दीपावलिका (दीपावली)
दीपोत्सव महामहोत्सव एवं विशेष हाट दर्शन
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
श्री गिरिराज गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग अन्नकूट दर्शन
अन्नकूट महोत्सव
श्री सरस निकुंज में भव्य अन्नकूट महाप्रसाद व दर्शन
गोपाष्टमी
गौमाता पूजन एवं श्री गोपाल चरण दर्शन
श्री सरस निकुंज सेवा अर्पण (Sewa Arpan)
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पूज्य भैया जी संपर्क सूत्र (Pujya Bhaiya Ji Contacts)
आश्रम व्यवस्था, उत्सव दर्शन एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन हेतु सीधे संपर्क करें
श्री प्रवीण माधुरी जी (बड़े भैया जी)
आश्रम सेवा एवं व्यवस्था
श्री नवीन माधुरी जी (छोटे भैया जी)
आश्रम सेवा एवं व्यवस्था
आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज, जयपुर
1007, दरीबा पान, सुभाष चौक, जयपुर - 302002 (राजस्थान)
आचार्यपीठ श्री बरसाना, जयपुर
80-सरस मार्ग, नीलकण्ठ कॉलोनी, क्विंस रोड, अजमेर रोड, जयपुर (राजस्थान)